Emotional Short Story in Hindi
तो मैंने कहा नहीं अभी मुझे अच्छे से स्विमिंग आई नहीं, थोड़ी देर और सीखने दो, फिर तुम सीख लेना। मैं फिर से स्विमिंग करने लगी। मैं जान बूझकर बार बार गिरती थी और हर बार फूफा को ही हाथ लगाती थी क्योंकि ऐसा करने से मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने फूफा की आँखों में एक अलग ही चमक देखी थी।
सभी मर्दों के बिस्तर एक साथ लगाए गए और उनके पैरों की तरफ थोड़ी दूरी पर सबके बैग लगाए गए। मैंने देखा कि फूफा का बिस्तर मेरी खिड़की के बाद एक खिड़की छोड़कर लगाया गया है। उनके बराबर थोड़ा दूर पापा का बिस्तर था।
मैंने सोने की बहुत कोशिश की लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी। बस वो ही पल बार बार मेरी आँखों के सामने आ रहा था। मैं सिर्फ करवट बदल रही थी, मुझे अपने ऊपर आश्चर्य हो रहा था। मैं तो बिस्तर पर गिरते सो जाती हूँ, लेकिन आज नींद मेरे कोसों दूर थी। हॉल में अब खर्राटों की आवाजें आने लगीं।
Short Story in Hindi : भाई बहेन की यह कहानी सुनकर आप भी हो जाओगे हैरान !