Short Story in Hindi
दोस्तों, आज की कहानी से आप लोगों को बस्किन सी लोगों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा तो कहानी शुरू करते हैं। एक लड़की थी जिसका नाम मुस्कान था, उसकी उम्र 18 साल थी। 1 दिन वह अपने पापा से कहती है कि पापा जी मुझे कुत्ता चाहिए, मुझे कुत्ता रखना है, मैं खेलूंगी।
आप मुझे कहीं से कुत्ता लाकर दे दीजिए। मुस्कान अपने माता पिता की एकलौती बेटी थी। इसीलिए उसके माता पिता उसकी हर एक ख्वाहिश को पूरा किया करते थे। जो चीज़ भी वह चाहती थी उसको वह लाकर दे दिया करते थे।
फिर 1 दिन वह मार्केट जाते हैं और बाजार से एक छोटा सा कुत्ता लाकर मुस्कान को दे देते हैं। अब वह कुत्ता मुस्कान के साथ रहने लगा था। मुस्कान भी उसके साथ काफी घुलमिल गई थी। इस तरीके से लगभग सात महीने का समय गुजर जाता है। 1 साल के बाद वह कुत्ता भी काफी बड़ा हो जाता है।
1 दिन मुस्कान इस कुत्ते के साथ कुछ गलत हरकत करने लगती है। फिर अचानक मुस्कान के साथ कुछ ऐसा होता है जब आप जानोगे तो आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। आपके पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी। इसीलिए इस वीडियो में आप अंत तक बने रहे क्योंकि इस वीडियो से
Short Story in Hindi Best Motivational Story – 2024
आपको एक बहुत बड़ी सीख मिलने वाली है। बाकी हमारी आप लोगों से एक छोटी सी विनती है अगर अभी तक आपने हमारे चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया, चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिये। ये सच्ची घटना पंजाब की है। पंजाब में एक कॉलोनी है, एक छोटा सा परिवार रहा करता था।
परिवार में मुस्कान नाम की लड़की अपने माता पिता के साथ रहा करती थी। मुस्कान अपने माता पिता की इकलौती बेटी थी। इसकी उम्र लगभग 16 साल थी और अभी बारहवीं क्लास में पढ़ाई कर रही थी। मुस्कान पढ़ाई लिखाई में इतनी होशियार थी।
मुस्कान ज्यादा किसी से मतलब वास्ता नहीं रखती थी, सिर्फ पढ़ाई लिखाई पर ही ध्यान दिया करती थी। मुस्कान इतनी चालाक और बहादुर थी कि हर एक काम को बड़ी आसानी और सरलता के साथ कर लिया करती थी इसलिए उसके मम्मी पापा उससे काफी खुश रहा करते थे। उनका सपना था।
कि वह अपनी बेटी को पढ़ा लिखा के एक अच्छा अधिकारी बनाएंगे या फिर डॉक्टर बनाएंगे। इसीलिए उसके हर एक ख्वाहिश को पूरा किया करते थे। जो चीज़ भी मुस्कान मांगती थी, वह उसके सामने लाकर दे दिया करते थे। मुस्कान भी मन लगाकर पढ़ाई लिखाई करती थी।
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और उसका भी सपना था कि वह एक अधिकारी बनके अपने मम्मी पापा का नाम रोशन करेगी। मुस्कान के पिता एक कंपनी में जॉब किया करते थे। उनकी सैलरी अच्छी खासी थी। वह सुबह अपनी ड्यूटी के लिए 8:00 बजे निकल जाया करते थे और शाम को 6:00 बजे आया करते थे। मुस्कान की मम्मी भी।
एक पास के स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए जाया करती थी और सुबह 9:00 बजे निकलती थी और 4:00 बजे वह भी वापस आती थी। मुस्कान अपने स्कूल के लिए 10:00 बजे निकलती थी और 4:00 बजे वापस आती थी। इस तरीके से इनका जीवन बड़े अच्छे से कटने लगता है। किसी तरह की कोई दिक्कत परेशानी नहीं थी।
क्या तुने कभी वो फ़िल्म देखी है तो मुस्कान उससे कहती है कि मैंने ऐसी कोई भी फ़िल्म नहीं देखी है और ना ही मुझे पसंद है। फिर सालु कहती है, जब एक बार यह फ़िल्म तू देखेगी तो तेरी ज़िन्दगी बदल जाएगी। तुझे काफी अच्छा लगेगा। फिर मुस्कान उससे कहती है कि ऐसी कौन सी फ़िल्म है?
जिसे देखने के बाद मेरी जिंदगी बदल जाएगी। फिर अनीषा उसको एक लिंक भेज देती है और कहती है कि इस लिंक को जब तू क्लिक करेगी तो इनमें कुछ वीडियो आएंगी। उन वीडियो पे जब तू क्लिक करेगी और ये वीडियो देखेगी तो तुझे काफी मज़ा आएगा और तेरी जिंदगी बदल जाएगी। फिर सालु।
वो लिंक भेज देती है। मुस्कान उस वेबसाइट लिंक को लेके अपने घर चली जाती है। रात को जब ये लोग खाना खाके सो जाते है तो मुस्कान अपना स्कूल का काम करती है और अपने कमरे में चली जाती है। जब सोने के लिए जाती है तो उसे याद आता है कि उसकी फ्रेंड सालू ने एक लिंक बताई थी। फिर उस वेबसाइट को
वह अपने फ़ोन में उसे देखने के बाद वह दंग रह जाती है। फिर एक वीडियो पर वो क्लिक करती है। मुस्कान उस वीडियो को देखने लगती है। वह काफी उत्तेजना हो रही थी, उसका दिमाग खराब हो रहा था, लेकिन वह कर भी क्या सकती थी? अकेली थी इसलिए वह 1 घंटे तक यह वीडियो देखती है।
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और फिर सो जाती है। मुस्कान अगले दिन स्कूल जाती है। अपनी फ्रेन्ड सालू को गुस्सा करने लगती है और कहती है कि ये तुने कैसी लिंक भेजी थी। इसमें तो काफी गलत गलत वीडियो है। मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा है। फिर सालू उसको समझाती है। वह कहती है कि जब तू यह वीडियो रोज़ देखेगी।
तो तुझे बहुत अच्छा लगेगा तेरा रोज़ मन करेगा इन वीडियो को देखने के लिए फिर मुस्कान वहाँ से चली जाती है, फिर स्कूल खत्म होता है, फिर शाम का समय होता है, खाना खाती है, अपने मम्मी पापा के साथ और अपने कमरे में जाती है और लगभग 2 घंटे तक इन वीडियो को देखती है अब मुस्कान का।
यह रोज़ का काम हो चुका था। मुस्कान को अब इन वीडियो को देखने की लत लग चुकी थी। इस तरीके से लगभग छह महीने का समय गुजर जाता है। छह महीने के समय गुज़रने के बाद उसका जो कुत्ता था वह काफी बड़ा हो चुका था। 1 दिन मुस्कान अपने कमरे में लेटी हुई फ़िल्म देख रही थी।
Short Story In Hindi
उसका काफी मन कर रहा था, उसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था। फिर वह अपने कुत्ते के पास जाती है और कुत्ते को पकड़कर अपने कमरे में लेकर आ जाती है। फिर उसके साथ वह छेड़छाड़ करने लगती है, लेकिन वह तो कुत्ता ही था, वह कर भी क्या सकता था? फिर मुस्कान के दिमाग में एक प्लान आता है।
वह सोचती है कि अपनी फ्रेन्ड सालू से वह कहेगी कि किसी लड़के से दोस्ती कराने के लिए, फिर मुस्कान अगले दिन अपने स्कूल जाती है और अपनी फ्रेन्ड सालू से मिलती है, और उससे कहती है कि मुझे किसी लड़के से दोस्ती करनी है। तेरी जानकारी में अगर कोई लड़का है तो मेरी दोस्ती करवा दे।
फिर सालू अपने फ़ोन से सुरेंद्र का नंबर निकालती है। सुरेंद्र का नंबर वह मुस्कान को दे देती है और कहती है कि इस लड़के से मेरा नाम बता देना ये समझ जाएगा। उस लड़के की उम्र लगभग 22 साल थी। फिर मुस्कान उस नंबर को लेकर अपने घर पर आ जाती है।
रात का समय होता है, खाना खाती है, फिर यह अपने कमरे में सोने के लिए चली जाती है। लगभग 11:00 बजे के करीब मुस्कान उस नंबर पर कॉल लगा देती है। फिर उधर से सुरेंद्र नाम का लड़का फ़ोन उठाता है और कहता है कि कौन तो मुस्कान कहती है कि मेरा नाम मुस्कान है और आपका नंबर।
मुझे अनीषा ने दिया है। फिर वह लड़का समझ चुका था कि मुस्कान उससे दोस्ती करना चाहती है। फिर सुरेंद्र इससे बात करने लगता है और बात बात में इससे दोस्ती कर लेता है। अब मुस्कान की और सुरेंद्र की बात रोज़ लगातार चलने लगी थी। सुरेंद्र मुस्कान से घंटों घंटों बात किया करता था।
इस तरीके से लगभग एक महीने का समय गुजर जाता है। 1 दिन सुरेंद्र मुस्कान से कहता है कि मैं आपसे अकेले में मिलना चाहता हूँ, मेरा मन कर रहा है, मेरी इच्छा कर रही है आपसे मिलने की और मुस्कान तो पहले से ही तैयार थी।
कि सुरेंद्र कब उसको बोले मिलने के लिए वह खुशी के मारे उछल उठाती है और सुरेंद्र से कहती है कि जब मुझे मौका मिलेगा, मैं आपको फ़ोन कर दूंगी और आप मेरे घर पर आ जाना। 1 दिन मुस्कान के पिता अपनी ड्यूटी गए हुए थे और उसकी मम्मी भी स्कूल चली गई थी।
लेकिन उस दिन मुस्कान अपने स्कूल नहीं जाती है। घर पर ही रहती है मुस्कान सुरेंद्र को फ़ोन करती है और कहती है कि अब तुम मेरे पास आ सकते हो मुझसे मिलने के लिए घर पर कोई नहीं है, मैं तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ। फिर 1 घंटे के अंदर सुरेंद्र मुस्कान के घर पर आ जाता है।
मुस्कान उसको नाश्ता पानी करवाती है और फिर इसके बाद सुरेंद्र इसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर देता है। ऐसी वैसी हरकतें करने लगता है और मुस्कान विरोध नहीं कर रही थी। वह तो चाहती थी कि सुरेंद्र उसके साथ कुछ करें। फिर सुरेंद्र और मुस्कान कमरे में चले जाते हैं।
और थोड़ी देर के बाद एक दूसरे से प्यार करने लग जाते हैं। सुरेंद्र लगभग 2 घंटे तक मुस्कान के खेलता है और थक कर लेट जाता है। इस तरीके से मुस्कान को जब भी मौका मिलता था, वह सुरेंद्र को अपने घर पर बुलाया करती थी और उसके साथ खेला करती थी।
लगभग दो तीन महीने का समय गुजर जाता है। मुस्कान के पड़ोसियों को कुछ शक हो जाता है। किराएदार मुस्कान के छत के ऊपर रहते थे। जब मुस्कान के मम्मी पापा नहीं होते तो एक लड़का इससे मिलने के लिए आता है और घंटों घंटा इससे मिलकर जाता है।
फिर पड़ोसियों ने मुस्कान के माता पिता से कहा कि आपके घर पर आपकी गैरमौजूदगी में एक लड़का आता है और मुस्कान से घंटों घंटों मिलकर जाता है। उसके मम्मी पापा ने यकीन नहीं किया। उन्होंने सोचा कि जब यह चीज़ हम अपनी आँखों से देखेंगे तभी हम यकीन करेंगे।
मुस्कान के मम्मी पापा ने प्लान बनाया। उन्होंने सोचा कि हम अपनी अपनी ड्यूटी नहीं जाएंगे और एक पड़ोसी के घर में रुक जाएंगे। फिर ये दोनों ऑफिस जाने के लिए तैयार होते हैं और ऑफिस के लिए निकल जाते हैं। लेकिन ये दोनों ऑफिस नहीं जाते हैं बल्कि एक पड़ोसी के घर रुक जाते हैं। फिर लगभग।
2 घंटे के बाद सुरेंद्र मुस्कान के घर पर आता है और मुस्कान के कमरे में चला जाता है। लेकिन उसको आते हुए मुस्कान के मम्मी पापा ने भी देख लिया था। इसलिए पीछे पीछे ये लोग भी चले जाते हैं, लेकिन सुरेंद्र जो है जाते ही मुस्कान के ऊपर टूट पड़ा था, उसके साथ खेल रहा था।
फिर अचानक दरवाजा खटखटा तब मुस्कान दरवाजे की आवाज सुनती है तो वह दंग रह जाती है। उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाती है। मुस्कान सुरेंद्र को कहीं छुपा देती है। फिर मुस्कान दरवाजा खोलती है तो उसके मम्मी पापा उसके सामने थे।
वो अपने मम्मी पापा को देख कर दंग रह जाती है। उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाती है। वो अपने मम्मी पापा से कहती है कि आप तो ड्यूटी जाने वाले थे आज गए नहीं तो फिर उसके पिता उसको एक थप्पड़ मारते हैं तो उसको गालियां देने लगते हैं। वह कहते हैं।
कि तुने हमारी नाक कटवा दी है तू हमारे पीछे क्या क्या करती है हमें सब कुछ पता है। फिर वो उसको मारने लगते हैं और उसको गालियां देने लगते हैं। लेकिन सुरेंद्र जो होता है मौका देखकर इनके घर से भाग जाता है।
मुस्कान अपने मम्मी पापा के सामने हाथ जोड़ने लगती है और कहती है कि मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है। लास्ट बार मुझे माफ़ कर दीजिए, आगे से ऐसी कोई गलती नहीं होगी। फिर उसके मम्मी पापा उसको माफ़ कर देते हैं और कहते हैं कि अगर आगे से तुने कोई गलती की।
या उस लड़के को घर पर बुलवाने की कोशिश की तो हम से बुरा कोई नहीं होगा। आगे से देख लेना इस तरीके से धीरे धीरे समय कटने लगता है। मुस्कान अपने स्कूल जाती थी, पढ़ने के लिए और स्कूल से घर वापस आया करती थी। लगभग दो महीने का समय और गुजर जाता है।
1 दिन मुस्कान सुरेंद्र को फ़ोन करती है और कहती है कि मैं आपसे रात में मिलना चाहती हूँ, आप मुझसे रात में मिलोगे लेकिन जब उधर से आओगे तो मार्केट से एक धारदार हथियार अपने साथ लेकर आना। आज जो मैं करने वाली हूँ वह जिंदगी का सबसे बड़ा काम होगा।
शायद किसी भी लड़की ने ऐसा नहीं किया होगा जो आज मैं करने वाली हूँ। फिर मुस्कान सुरेंद्र को पूरी कहानी समझा देती है। सुरेंद्र मार्केट जाता है और एक धारदार हथियार खरीद लेता है। रात के 1:00 बजे करीब सुरेंद्र मुस्कान के घर पर आता है।
फिर मुस्कान सुरेंद्र से कहती है कि अब समय आ चुका है इस काम को अंजाम देने का। मैंने अपने मम्मी पापा को खाने में नशीली दवाई मिला दी थी। वह सो रहे हैं और उठ नहीं पाएंगे और तुम 1 घंटे के अंदर काम करके तुम यहाँ से वापस चले जाना।
सुरेन्द्र मुस्कान के मम्मी के कमरे में चला जाता है और वो वहाँ पर जाने के बाद मुस्कान के मम्मी पापा को जान से मार देता है। लेकिन दूर बैठा हुआ जो कुत्ता था वह ये सब देख रहा था।
सुरेन्द्र उनकी इतनी बेरहम तरीके से हत्या करता है और पूरे कमरे को लहूलुहान कर देता है। उसके बाद वह मुस्कान के पास जाता है और पूरी कहानी बताता है कि मैंने काम तमाम कर दिया है। फिर मुस्कान उसको अपने कमरे में लेकर जाती है।
और यह दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं और थोड़ी देर के बाद सुरेंद्र इसके साथ खेलने लगता है और लगभग 5:00 बजे के करीब वहाँ से निकल जाता है। सुबह 7:00 बजे के करीब प्रिया चीखने चिल्लाने लगती है। आसपास के लोग इकट्ठा हो जाते हैं, मुस्कान से पूछने लगते हैं।
कि यह सब कैसे हो गया तो मुस्कान ने एक कहानी बनाई थी। वह कह रही थी घर में चोर घुसे थे, उन्होंने चोरी की और मेरे मम्मी पापा की हत्या करके चले गए। मैं अपने कमरे में सो रही थी। मुझे कुछ भी नहीं पता, लेकिन इस कहानी के ऊपर लोगों को यकीन नहीं हो रहा था।
इन्हीं पड़ोसी में से एक इंसान पुलिस को फ़ोन कर देता है और लगभग 10 मिनट के बाद पुलिस भी मौके पर पहुँच जाती है। पुलिस लोगों से पूछ्ताछ करती है। उनमें से एक आदमी पुलिस से कहता है कि एक लड़का अक्सर मुस्कान से मिलने के लिए आया करता था।
और इसके घर पर अक्सर घंटों घंटों मिलकर जाया करता था। हमें तो लगता है कि मुस्कान ने ही ये सब किया होगा। फिर पुलिस मुस्कान के पास जा जाती है और उससे पूछ्ताछ करने लगती है। मुस्कान पुलिस से कहने लगी कि घर में चोर आए थे और चोरी करके ले गए और मेरे मम्मी पापा की हत्या करती थी।
लेकिन पुलिस के गले यह बात नहीं उतर रही थी कि जब अंदर से घर का दरवाजा बंद था तो बाहर से चोर कैसे अंदर आ सकते हैं और चोरी करके कैसे लेकर जा सकते हैं। पुलिस के गले यह बात नहीं उतर रही थी और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया जाता है। फिर पुलिस कहती है क्यों ना मुस्कान की कॉल डीटेल निकाली जाए।
फिर जब मुस्कान की कॉल डीटेल निकाली जाती है तो उसमें जो खुलासा होता है मुस्कान की कॉल डीटेल से सारी बातों का खुलासा हो जाता है। पुलिस को यकीन हो जाता है फिर मुस्कान और सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया जाता है। अब गिरफ्तार करने के बाद इन दोनों को थाने लेकर जाया जाता है।
थाने में पूछ्ताछ किया जाता है। शुरुआत में तो यह दोनों कुछ बताते नहीं है, लेकिन थोड़ी देर के बाद यह टूट जाते हैं। फिर पुलिस सख्ती से पूछ्ताछ करती है। डंडे बरसाते वह लोग डर जाते हैं और अपना जुर्म कबूल कर लेते हैं। फिर पुलिस को पूरी कहानी बताते हैं।
मुस्कान कहती है, मैं सुरेंद्र से बहुत ज्यादा प्यार करती थी और बीच में मेरे मम्मी पापा आ रहे थे इसलिए मैं सोंची। उसे जब तक मैं रास्ते से नहीं हटाऊं तब तक मैं सुरेंद्र से नहीं मिल सकती। इसलिए मैं सुरेंद्र के साथ मिलकर अपने मम्मी पापा को ही खत्म कर दिया।
जब यह घटना सोशल मीडिया के जरिए से लोगों को पता लगी तो लोग यह सोचने पर मजबूर थे कि एक अपनी सगी बेटी अपने मम्मी पापा के साथ यह घिनौना काम कैसे कर सकती है? आप लोग हमेशा सचेत रहे, अपने बच्चों पर ध्यान दीजिए, उनके मोबाइल में चेक कीजिए।
कब क्या क्या सर्च कर रहे हैं, क्या किन लोगों से बात कर रहे हैं? अगर जब तक ये चीज़ आप नहीं देखोगे तो हो सकता है जो आज मुस्कान सुरेंद्र ने किया है। हो सकता है आपके बच्चे भी कभी ना कभी इस तरह का काम कर सकते हैं। इसीलिए आप लोग हमेशा अपने बच्चों पर ध्यान दीजिए।
कि वह क्या कर रहे हैं, किस्से मिल रहे हैं, किस्से बात कर रहे हैं क्या? क्या वीडियो अपने फ़ोन में देख रहे हैं? आप लोगों को यह बातें कैसी लगी?
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