Best Emotional Short Story In Hindi
मेरा नाम सुरेश है और मैं अभी 21 साल का नौजवान था और मेरी भाभी भैया मुझे बहुत ही ज्यादा प्यार किया करते थे और भाभी मुझसे बहुत ही दुलार किया करती थी। हम अपने घर में बहुत ही ज्यादा खुश रहा करते थे लेकिन फिर उन खुशियों को पता नहीं किसकी नजर लगी।
और चंद मिनट में हमारे घर की खुशियां एक गुमनाम जिंदगी की तरह गुम हो गई क्योंकि भईया का देहांत हो चुका था और उनकी मौत भी ऐसी हुई थी कि जिससे हम कुछ न तो कर सकते थे न और उनके लिए, न ही हम उन्हें बचा सके।
क्योंकि उनकी मौत एक आकस्मिक मौत थी। आकाश से बिजली गिरी और सीधा हमारे भैया भी उसी की चपेट में आ गए और उनकी मृत्यु हो जाती है। इस सब में भाभी बहुत ज्यादा टूट जाती है और एक गहरे सदमे में चली जाती है। लेकिन उनको समझा पाना मुश्किल था।
लेकिन धीरे धीरे हालात बदलते हैं और मेरे भैया को गुजरे हुए 1 साल पूरा हो गया था। चीजें अब धीरे धीरे बदल रही थी, लेकिन भैया की जब भी याद आती थी हम सभी की आँखें नमूझती थी। भैया मेरे कभी मुझे कुछ काम नहीं करने देते थे।
मैं उनसे छोटा था इसलिए मेरे लिए वह हर एक चीज़ किया करते थे लेकिन अब भाभी का दर्द है। मुझे देखा नहीं जा रहा था क्योंकि भाभी अभी नौजवान थी और उनकी ऐसी जिंदगी गुजर रही थी मानो कि भाभी ने कोई पाप किया हो लेकिन भाभी भैया के प्रेम में।
इतना घुल गई थी कि बस उसको हमेशा भैया की याद आती रहती थी, लेकिन मैंने सोचा कि भाभी को इस सदमे से कैसे निकाला जाए और कैसे उनको एक ऐसी खुशी भरी जिंदगी दी जाए। लेकिन इसी बीच में भाभी की बहन भी घर पर आई होती है।
वह मेरी हम उम्र थी और बहुत ही स्वभावगीय अच्छी थी और देखने में भी काफी सुंदर थी। वह मेरे से भी हँसी मजाक किया करती थी और मेरा शुक्रिया अदा करती थी कि आपने भाभी को बहुत अच्छे से यानी मेरी बहन को बहुत अच्छे से संभालना है।
तो मैं बोलता था कि भाभी मुझे बहुत प्यार करती थी, दुलार करती थी और भाभी का ये दर्द है मुझसे अभी देखा नहीं जा रहा है। वह भाभी की बहन 1 दिन मेरे से बोलती है कि मुझे मार्केट जाना है और क्या मुझे ले चलोगे तो पहले मैं मना कर देता हूँ।
लेकिन बाद में वह जिद करने लगी तो मैं उनको मार्केट लेकर चला गया और मार्केट में उनका जो भी शॉपिंग करना था, वे मैंने शॉपिंग उनको करा दी थी। उन्होंने कुछ ऐसी चीज़ खरीदी थी जो कि मैं आपको वीडियो में नहीं बता सकता। आप समझदार है, आप कुछ समझ आइए।
और उस दिन से भाभी का बहन का मेरे प्रति भी कुछ अलग हो गया था। ऐसे लग रहा था कि जैसे वह मुझसे प्रेम करने लगी है। जब भाभी घर पर नहीं होती थी तो मुझे वह दिन भरप्रेम परिबातें किया करती थी और वह मुझे प्रेम करने लगी थी।
1 दिन की बात है, भाभी कहीं गयी हुई थी, भाभी की बहन खाना बना रही थी और जैसे ही उसने देखा कि मैं घर पर अकेला हूँ तो वह खाना बनाना छोड़ देती है और मेरे पास आकर बैठ जाती है लेकिन उसको जैसे ही मेरे शरीर में दिखता है कुछ ऐसा।
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जो उसको देखकर डर जाती है और बोलती है कि तुम्हारा शरीर और यह इतना बड़ा हो रखा है, इसको तुम डॉक्टर को क्यों नहीं दिखाया? इसको सही क्यों नहीं करते? तो मैंने बोला कि मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं इसे ठीक करवाऊं।
इससे क्या प्रॉब्लम होती है? पर अब वह मुझे रोज़ कुछ न कुछ बोलती रहती थी और 1 दिन मैं अपने रूम पर सो रहा था। जहाँ पर भाभी की बहन आती है और हमारे बीच कुछ ऐसा होता है जो शायद नहीं होना चाहिए था। दोस्तों आप समझदार हैं, आप समझ जाइए।
कि क्या हुआ था और उस दिन से मैं उसे प्रेम करने लगा था, लेकिन हैरानी तब मुझे होती है जब 1 दिन मुझे भाभी अपनी बहन के साथ देख लेती हैं। भाभी ने कुछ नहीं बोला था, मैं चुप चाप अपने कमरे में चली गई थी और 1 दिन मैं घर पर अकेला था।
मेरी साली यानी भाभी की बहन बगल वाले घर पर गई हुई थी तो भाभी मुझसे बोलती हैं कि मैं तुमसे शादी करना चाहती हूँ, लेकिन मैं यह कैसे कर सकता था? पर भाभी की यह हालत मुझसे देख ही नहीं जा रही थी और भाभी ने बोला मैं भी तुमसे प्रेम करती हूँ।
भैया तुम्हारे इस दुनिया से चले गए और उनको गए हुए पूरे 2 साल हो गए हैं। मैं अपनी ये वीरान जिंदगी कैसे गुजारूँ और अपनी जरूरतों को मैं कैसे पूरा करूँ? अगर तुम मुझसे शादी कर लोगे तो मेरी भी जिंदगी में खुशियां आ सकती हैं और मेरी भी जिंदगी भी।
खुशियों से भर सकती है और मुझे अब संतान की चाह है। बच्चे की चाह जो मैं चाहती हूँ कि तुम मुझसे शादी कर लो और मुझे ये सारी खुशियां दे दो। मैं सोच में पड़ जाता हूँ और जब 1 दिन मैं भाभी के साथ होता हूँ तो भाभी की बहन मुझे देख लेती हैं।
तो वह मेरे से उस दिन से गुस्सा हो जाती हैं और बात नहीं करती। मैं जब भी भाभी के साथ होता हूँ वे मुझे चुपके से देखती हैं।
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