Best Motivational Short Story In Hindi
हैलो दोस्तों, स्वागत है आपका मेरी नई कहानी में मेरा नाम कोमल है और मेरी उम्र 18 साल है। यह कहानी 1 साल पहले की है। मेरी दीदी की शादी 26 साल की उम्र में हुई थी। दीदी की विदाई के समय माँ ने मुझे मेरी चीजें लेकर दी और कहा कि ससुराल में नई दुल्हन के साथ 4 दिन बिताए।
जाना पड़ता है। हमारे यहाँ ये रिवाज है इसलिए तुझे दीदी के साथ जाना होगा। माँ की बात सुनकर मैंने अपने बैग लिया और जीजू की गाड़ी में रख दी। दीदी के सास ससुर ने उनका भव्य स्वागत किया। शादी के 2 दिन बाद उनके सास, ससुर दूसरे शहर चले गए। फिर मैं भी दीदी।
के साथ 4 दिन रह गई। जब मैं घर लौटने का सोच रही थी तो दीदी ने मुझे रोका और कहा कोमल तुझे तो पता है कि मुझे घर के काम नहीं आते में हमेशा पढ़ाई में बनी रही। तुम मुझसे ज्यादा समझदार हो, थोड़ा और रुक जाओ। इस बीच जीजू भी आए और दीदी के गले में हाथ डालकर बोले, मेरी नई दुल्हन इतनी।
आग्रह कर रही है तो तुम थोड़े दिन और रुक जाओ। मैं दीदी को ना नहीं कह सकती थी और जीजू से भी नकारना ठीक नहीं लगा। इसलिए मैंने कुछ दिन रुकने का फैसला किया। मेरी माँ को भी इससे कोई परेशानी नहीं थी क्योंकि उन्हें पता था कि दीदी घर के।
गांवों में बहुत कच्ची है। एक शाम दीदी और जीजू बाहर घूमने गए और जीजू ने मुझे भी साथ आने के लिए कहा। मैंने उनके साथ नहीं जाना चाहा और घर पर ही रुक गई। रात को जब वे खाने का पार्सल लेकर आए तो मैंने देखा कि जीजू और दीदी का जोड़ा थोड़ा अजीब था। जीजू की बॉडी अच्छी थी, वो जिम करते थे।
जबकि दीदी उनसे कई गुना मोटी थी। रात को जब दीदी घर आई तो उसने मुझे पार्सल दिया। मुझे ज्यादा भूख नहीं थी इसलिए मैंने उसे किचन में रख दिया और अपने कमरे में चली गई। थोड़ी देर बाद मुझे अचानक भूख लगी और मैं किचन में जाकर खाना लगाने लगी।
तभी दीदी के कमरे से आवाज सुनाई दी, जो मुझे थोड़ी अजीब लगी। मैंने सोचा कि क्यों ना मैं झांक कर देखूं। जब मैंने दीदी के कमरे में झाँका तो मैंने देखा कि जीजू दीदी को प्यार से गले लगाए हुए थे जबकि दीदी गहरी नींद में थी। जीजू अकेले ही उनकी देखभाल कर रहे थे। पुरुष जीस चीज़ के लिए।
शादी करते हैं। शायद वही चीज़ जीजू को दीदी से नहीं मिल रही थी। अच्छा, मुझे क्या करना है? उन्होंने दीदी को शादी के लिए चुना है। बाकी सब बातें वे खुद देखेंगे। मुझे अपनी बड़ी बहन के कमरे में झाँकने की जरूरत नहीं थी। मैं धीरे से उनके कमरे का
दरवाजा बंद करके अपने कमरे में चली गई और शांतिपूर्वक सो गई। दूसरे दिन रात को भी मेरी नजर दीदी के कमरे की तरफ गई। इस बार भी दीदी गहरी नींद में थी और जीजू भी बेड पर बैठे उदासी से दीदी को देख रहे थे। उनके चेहरे पर निराशा थी। अचानक जीजू की नजर दरवाजे पर गई और
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और जब हमारी निगाह मिली तो मैंने तुरंत अपने कमरे का रुख किया। दूसरे दिन सुबह नाश्ते के समय मैं अपनी बैग लेकर बाहर आई। मुझे घर जाते हुए देखकर दीदी ने मुझे रोका। मैंने बताया कि मुझे घर जाना होगा क्योंकि मेरी परीक्षा है। परीक्षा की बात सुनकर दीदी मुझे नहीं।
रोक पाई। घर जाकर मैं पढ़ाई में व्यस्त हो गई। उस पूरे हफ्ते का मुझे पता ही नहीं चला। परीक्षा खत्म होने के दूसरे दिन मुझे जीजू का फ़ोन आया। उन्होंने मुझे तुरंत अपने घर बुलाया और कहा कि तेरी दीदी तुझे बहुत याद कर रही है। जब मैं दीदी के घर पहुंची तो वहाँ का माहौल बहुत शांत लग रहा था। शाम को मैंने
मजाक करने के लिए जीजू के गले में हाथ डाला, लेकिन दीदी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और किचन में चली गई। उस रात मेरी कमरे की खिड़की से धूम्रपान की गंध आने लगी। मुझे बाहर जाकर देखना पड़ा। मैं बाहर गई तो देखा कि जीजू बाहर की कुर्सी?
घर बैठकर धूम्रपान कर रहे थे। मैं उनके पास गई और उन्हें धूम्रपान की चीज़ छीनकर फेंक दी और पूछा जीजू सब ठीक है ना? पहले मैंने आपको ऐसा कुछ करते नहीं देखा। कुछ समय बाद जीजू ने मुझे नज़रअन्दाज़ नहीं करते हुए मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे अपने कमरे में ले गए जब हम उनके कमरे में आए।
तो जीजू ने कहा, हमारी शादी को अभी एक महीना भी नहीं हुआ और तुम्हारी दीदी हमेशा नींद में रहती है। मैंने जीजू से कहा जीजू थोड़े रिलैक्स हो जाओ। चलो हम इंटरनेट पर कुछ सर्च करते हैं कि बीवी को कैसे इम्प्रेस्स करना है। हमने उस पर कई वीडियो देखे और।
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और जीजू ने कहा कि कल से मैं यह सभी चीजें तुम्हारी दीदी के साथ शुरू करूँगा। दूसरे दिन जीजू दीदी के लिए नए कपड़े खरीद कर लाए थे और जो चीज़ उन्हें अपनी पत्नी के लिए करनी चाहिए थी, उन्होंने वह मेरे लिए भी कि उन्होंने दीदी के साथ साथ मेरे लिए भी कुछ कपड़े खरीदे। जो भी नई चीज़ें जीजू की
दीदी के लिए लाते वो मुझे भी देने लगे। एक बार छोटी सी बात पर दीदी और जीजू के बीच विवाद हो गया। मैंने इस बारे में अपने माता पिता को नहीं बताया। दीदी ने भी फ़ोन पर कुछ नहीं बताया, लेकिन 2 दिन बाद भी उनका विवाद खत्म नहीं हुआ। तभी उनके
घर पर एक लड़की आई जो दीदी की उम्र की थी और बहुत खूबसूरत थी। वह लड़की जब घर आई उसके बाद में दीदी और जीजू के बीच के झगड़े थोड़ा कम होते हुए दिखे। मैंने दीदी से पूछा कि वह लड़की कौन थी तो उसने बताया कि वह तुम्हारे जीजू की बहन है। कुछ दिन पहले जब तुम यहाँ नहीं थी तब भी।
हमारा झगड़ा हुआ था और निधि ने ही हमारे बीच सुलह करायी थी। वह भी शादीशुदा है। उनके बीच का झगड़ा खत्म।
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