Emotional Short Story In Hindi
मेरा नाम सोनाली है और यह मेरी दूसरी शादी है। मेरे पहले पति का मेरी शादी के कुछ ही दिनों बाद एक बस दुर्घटना में निधन हो गया था। तब मेरी उम्र बहुत कम थी और मैं विधवा हो गई थी। उस समय मेरी उम्र सिर्फ 25 साल थी, तब मेरे मातापिता ने मेरी दूसरी शादी 146 साल के आदमी से
करा दी थी क्योंकि मेरे लिए दूसरा वर मिलना मुश्किल था। मेरे पति मुझसे उम्र में बहुत बड़े हैं और अक्सर काम में व्यस्त रहते हैं। जब वह घर आते हैं तो खांसी का बहाना करके जल्दी सो जाते हैं। उनके होने के बावजूद मुझे वह सुख नहीं मिल रहा था जिसकी
मैं हकदार थी। मैं रात भर उनके प्यार के लिए तड़पती रहती थी, लेकिन मेरे पति मुझे वह खुशी नहीं दे पा रहे थे। मेरे पास पैसों की कोई कमी नहीं थी। हमारे घर में सारी सुख सुविधाएं थी, लेकिन मुझे पति का प्यार नहीं मिल रहा था। हर औरत की तरह मुझे भी अपने पति से प्यार की जरूरत थी। मैं दिन भर घर में आराम करती
क्योंकि घर का काम करने के लिए मेरे पति ने एक नौकर रखा हुआ था। 1 दिन जब हमारा नौकर बीमार पड़ गया तो उसने अपने युवा बेटे को कुछ दिनों के लिए काम पर भेज दिया। अगले ही दिन उसका बेटा घर आया और जब मैंने उसे देखा तो।
मैं उसे देखती ही रह गई। वह इतना खूबसूरत था कि मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि वह एक नौकर का बेटा है, उसकी मजबूत काया, गोरा रंग और नीली आंखें।
देख कर ऐसा लग रहा था जैसे वह कोई फिल्मी हीरो हो। मैंने उसे देखकर सोचा कि वह किसी राजा का बेटा होगा, मैं उसे लगातार देखती जा रही थी। फिर उसने मुझे बताया मैं मुकेश जी का बेटा आदित्य हूँ।
मेरे पिताजी की तबियत खराब है इसलिए उन्होंने मुझे यहाँ काम करने भेजा है। मैं कुछ दिनों तक यहाँ रहकर आपके लिए काम करूँगा और आपको कोई शिकायत का मौका नहीं दूंगा जैसे मेरे पिताजी पूरी।
Short Story In Hindi रोहन और पूजा की शादी को पूरे 7 साल हो चूके थे
ईमानदारी से यहाँ काम करते थे, वैसे ही मैं भी अपना काम पूरी निष्ठा से करूँगा। फिर मैं आदित्य को अंदर आने के लिए बोली और खुद जाकर सोफे पर बैठ गई। जब वह अंदर आया तो मैंने उससे पूछा तुम्हारा नाम क्या है और तुम क्या काम करते हो? क्या तुमने पहले भी कहीं काम किया है और तुम्हे काम करने का?
का पता है। तब वह युवक मुझसे बोला मालकिन मैंने अभी अभी तो आपको अपना नाम बताया कि मेरा नाम आदित्य है और रही बात काम की तो मालकिन मैं घर के सारे काम अच्छे से करता हूँ, आपको मुझसे कोई शिकायत नहीं होगी। अब मैं आदित्य की तरफ
रोमेंटिक नजरों से देखी और हंसते हुए बोली, ठीक है तुम घर का काम करते हो, लेकिन क्या तुम्हें पता है की घर के काम से ज्यादा जरूरी होता है अपने मालिक या मालकिन को खुश करना क्या तुम अपनी मालकिन को खुश कर सकते हो? जो कुछ भी मैं कहूँगी, क्या तुम उसे मानोगे? क्या तुम अपनी मालकिन की प्राइवेट इच्छाएं?
पूरी करोगे? आदित्य ने मुझे चौंकाते हुए कहा, मैं अपना काम पूरी ईमानदारी से करूँगा और आपको अपने काम से खुश करने की पूरी कोशिश करूँगा। फिर मैंने आदित्य को उसका काम समझाया और काम समझने के बाद आदित्य ने काम शुरू किया, वाह।
आन लगाकर काम कर रहा था, लेकिन अब मेरी नजरें हमेशा उसी पर लगी रहती थी। मैं अक्सर सोफे पर बैठकर उसे एक तक देखती रहती थी। मुझे नहीं पता मुझे क्या हो गया था। जब भी आदित्य थोड़ी देर के लिए बाहर चला जाता तो मुझे उसकी कमी महसूस होती। मुझे वह बहुत पसंद आने लगा था और अब मुझे उसके
पास जाने की इच्छा होने लगी थी। मैं चाहती थी कि आदित्य मेरी शारीरिक जरूरतों को भी पूरा करें। जब से मैंने उसे देखा था तभी से मेरे दिन की शांति और रात की नींद उड़ गई थी। 1 दिन मेरे पति को काम के सिलसिले में बाहर जाना पड़ा, लेकिन वह बहुत नाराज थे।
मैंने उनसे उनकी परेशानी का कारण पूछी तो उन्होंने मुझे बताया, पहले जब भी मैं काम के लिए बाहर जाता था तो मुकेश काका तुम्हारे पास होते थे इसलिए मुझे कोई चिंता नहीं होती थी। मुकेश काका का नाम सुनते ही मैंने अपने पति से कहा कोई बात नहीं। मुकेश काका नहीं है तो आदित्य।
तो है ना? आप बेफिक्र होकर अपने काम पर जाइए और मेरी बिल्कुल भी चिंता मत कीजिए, मैं यहाँ आराम से रहूँगी। आदित्य भी हमारा नौकर है और वह भी अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहा है। वह भी मेरी अच्छी तरह से देखभाल करेगा। आपको किस बात की चिंता है? और मैं?
अपनी देखभाल खुद भी कर लूंगी। फिर मेरे पति ने आदित्य को उसका काम समझाया और मुझे छोड़कर कहीं भी न जाने की हिदायत दी। उन्होंने मेरी सारी बातें सुन ली और फिर वह अपने काम के लिए दूसरे शहर चले गए। अब पति के जाने के बाद मैं आराम से कमरे में बैठकर मोबाइल पर वैसे वीडियो देख रही थी।
लेकिन आज मुझे मोबाइल पर वैसे वीडियो देखने का मन नहीं था क्योंकि मैं हर रोज़ वैसे वीडियो देखती थी और आज मुझे वह सबअसल में करना था। मेरी दो शादियां हो चुकी थी लेकिन अब तक मैंने बाहर किसी के साथ वह सब नहीं किया था। अब जब से मैं आदित।
Your Searches
hindi story,story in hindi,hindi stories,hindi moral story,stories in hindi,story,hindi kahani,short story in hindi,hindi fairy tales,moral story,hindi kahaniya,hindi moral stories,koo koo tv hindi story,kahaniya in hindi,hindi kahaniyan,story hindi,hindi short movie,moral stories in hindi,hindi story fairy tales,very short hindi stories,short stories in hindi,hindi short story,hindi cartoon story,bedtime story,hindi new story