Short Story In Hindi
बहुत समय पहले की बात है, एक हरे-भरे जंगल में एक सुंदर और बुद्धिमान तोता रहता था। उसका नाम मिथु था। मिथु अपनी चतुराई और मीठी बोली के लिए पूरे जंगल में प्रसिद्ध था। वह हमेशा सभी को प्यार और शांति का संदेश देता था। लेकिन जंगल में कुछ ऐसे जानवर भी थे जो हमेशा लड़ाई-झगड़ा करते रहते थे।
जंगल में झगड़ा शुरू
एक दिन जंगल के दो सबसे शक्तिशाली जानवर, शेर राजा और भालू में किसी छोटी सी बात पर झगड़ा हो गया। शेर का मानना था कि जंगल में वही सबसे ताकतवर है, जबकि भालू खुद को उससे कम नहीं समझता था। दोनों के बीच बहस बढ़ती गई और जल्द ही यह पूरे जंगल में फैल गई। सभी जानवर दो गुटों में बंट गए—एक शेर के पक्ष में तो दूसरा भालू के।
जंगल में माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया था। खरगोश, हिरण, बंदर, हाथी, लोमड़ी—सब डरने लगे कि अगर यह झगड़ा और बढ़ा तो पूरे जंगल में खून-खराबा हो सकता है। लेकिन कोई भी इतना साहसी नहीं था कि शेर और भालू को रोक सके।
मिथु का निर्णय
मिथु यह सब देख रहा था। उसे बहुत दुख हुआ कि जो जंगल हमेशा शांति और प्रेम से भरा रहता था, वह अब लड़ाई और नफरत का अड्डा बनता जा रहा था। उसने तय किया कि वह इस झगड़े को खत्म करेगा और जंगल में फिर से शांति लाएगा।
शांति का संदेश
मिथु उड़कर शेर और भालू के पास गया। वे दोनों अब भी गुस्से में थे और एक-दूसरे पर हमला करने की तैयारी में थे। मिथु ने अपनी मीठी आवाज़ में कहा,
“राजा शेर और भालू भैया, कृपया मेरी बात सुनिए। आप दोनों शक्तिशाली हैं, लेकिन क्या आपको यह अच्छा लगता है कि जंगल के बाकी जानवर डर में जी रहे हैं?”
शेर और भालू ने मिथु की ओर देखा। भालू गुस्से में बोला, “मिथु, यह हमारा मामला है। तुम्हें इसमें दखल देने की ज़रूरत नहीं है!”
लेकिन मिथु शांति से मुस्कुराया और बोला, “मुझे बस एक छोटी सी कहानी सुनाने दो। शायद इससे आपको कुछ सीखने को मिले।”
बूढ़े कबूतर की कहानी
मिथु ने एक बूढ़े कबूतर की कहानी सुनानी शुरू की।
एक बार दो पक्षियों ने एक घोंसले को लेकर झगड़ा किया। दोनों सोचते थे कि यह घोंसला उनका है। उन्होंने लड़ते-लड़ते इतना नुकसान कर लिया कि अंत में हवा के एक तेज़ झोंके ने घोंसले को पूरी तरह उड़ा दिया। अब दोनों के पास कुछ भी नहीं बचा।
अगर उन्होंने झगड़े के बजाय मिलकर सोचा होता, तो शायद वे घोंसले को बचा सकते थे। लेकिन उन्होंने अपनी मूर्खता से अपना ही नुकसान कर लिया।
शेर और भालू को समझ आई बात
शेर और भालू एक-दूसरे की ओर देखने लगे। उन्हें मिथु की बात समझ आ गई थी। वे दोनों अपने झगड़े के कारण जंगल के बाकी जानवरों को डर में डाल चुके थे। भालू ने धीरे से कहा, हमने तो कभी सोचा ही नहीं था कि हमारा झगड़ा पूरे जंगल को प्रभावित कर रहा है।
शेर ने भी सहमति में सिर हिलाया और कहा, मिथु, तुमने हमें बहुत बड़ी सीख दी। शक्ति का सही इस्तेमाल लड़ाई में नहीं, बल्कि शांति और एकता में होता है।
जंगल में खुशी लौट आई
शेर और भालू ने अपनी लड़ाई खत्म कर दी और हाथ मिलाया। बाकी जानवरों ने राहत की सांस ली। सबने मिथु की बुद्धिमानी और शांति के संदेश की सराहना की।
उस दिन के बाद जंगल में फिर कभी कोई बड़ा झगड़ा नहीं हुआ। जब भी कोई समस्या आती, सभी जानवर मिलकर उसे हल करते। और यह सब संभव हुआ मिथु के शांति के संदेश की वजह से।
शिक्षा:
“शांति हमेशा युद्ध से बड़ी होती है। असली ताकत वही होती है जो लोगों को जोड़ती है, न कि उन्हें तोड़ती है।”
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