Unique Short Story In Hindi
करीब दो महीने पहले की बात है। मैं अपनी मम्मी के साथ वे सब कर रहा था। जब से मेरे पापा का देहांत हुआ था, तब से मम्मी भी वेसब करने के लिए बहुत परेशान हो गई थी। उनका वेसब करने का बहुत मन करता था क्योंकि मेरी मम्मी अभी पूरी तरह जवान और खूबसूरत थी जब मैं पहली बार।
वह देखा तो मेरी आँखें चमचमा गई। मम्मी बोली राहुल बेटा अब देखते रहोगे आगे बढ़ोगे मैंने देखा मैदान पूरी तरह साफ था। मम्मी बोली जाओ पहले दरवाजा बंद करके आओ तो मेरे पापा एक बैंक में मैनेजर थे और मेरी मम्मी घर पर रहती थी।
उस समय मैं अपनी पढ़ाई कर रहा था। हम लोग बहुत खुश हँसी खुशी से रहते थे। मेरे पापा की सैलरी भी अच्छी खासी थी। हम लोग हर संडे बार घूमने जाया करते थे। मेरी मम्मी देखने में बहुत ही खूबसूरत थी। उनके मुकाबले पापा थोड़ी उम्र में बड़े थे। मेरे मम्मी पापा ने लव मैरिज की शादी की थी।
इसलिए उनमे उम्र का ज्यादा फर्क नहीं था लेकिन इस बात से मम्मी को कोई दिक्कत नहीं होती थी। पापा मम्मी को बहुत खुश रखते थे और उनकी हर बात मानते थे। 1 दिन की बात है, पापा श्याम को पैसे गिराये। वह बहुत नशे की हालत में थी।
Best Motivational Short Story In Hindi मेरी नई कहानी में मेरा नाम कोमल है और मेरी उम्र 18 साल है।
उनके साथ एक आदमी और भी था जिसने पापा को कंधे पर टांग रखा था। उनको देख कर हम लोग दंग रह गए। मम्मी बोली क्या हुआ इन्हें? तो बाद में बोला भाभी इन्हें कुछ नहीं हुआ, बस थोड़ी ज्यादा पी रखी है। ये बात सुनकर मम्मी भी सो गई।
क्योंकि पापा को नशे से सख्त नफरत थी। यहाँ तक कि वह कभी भी सिगरेट भी नहीं पीती थी। उसके बाद हम लोगों ने पापा को बैडरूम में सुला दिया। फिर वह आदमी चला गया। मैंने कहा मम्मी लगता है पापा को किसी ने जबरन पिलाई होगी। मम्मी बोली हाँ बेटा इसमें जरूर किसी का हाथ है।
नहीं तो ये भी नशे की चीज़ को आज तक नहीं लगाते। उसके बाद हमने खाना खाया और सो गए। रात के 11:00 बज रहे थे तभी अचानक मम्मी अपने कमरे से चिल्लाते हुए बाहर आई। उनकी आवाज सुनकर मैं भी काफी डर गया। वह ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और मैंने कहा मम्मी क्या हुआ, तुम रो क्यों रही हो?
फिर वे रोते हुए पापा की तरफ इशारा करने लगी। मैं दौड़ कर पापा के पास गया और उन्हें जगाने लगा, लेकिन पापा नहीं उठे। मम्मी रोते हुए मेरे पास आई और मुझे गले लगा कर बोली बेटा तुम्हारे पापा हमें छोड़कर चले गए, अब हम किसके सहारे रहेंगे? इतना सुनकर मेरे होश उठ गए।
फिर उस घटना को कुछ दिन बीत गए और 1 दिन मम्मी बोली बेटा अब हम क्या करेंगे? मैंने कहा मम्मी तुम फिकर मत करो, कोई न कोई रास्ता जरूर निकालेंगे। फिर अगले दिन मैं स्कूल चला गया। अब मेरा मन पढ़ाई में बिल्कुल भी नहीं लग रहा था। शाम को जब मैं स्कूल से घर वापस आया तो देखा।
मम्मी घर में नहीं थी, मुझे डर लगने लगा की कही मम्मी कुछ गलत कदम तो नहीं उठा लेंगे। तभी मुझे बाथरूम के अंदर से पानी की वजह आई तब मुझे सुकून मिला। मम्मी बाथरूम में नहा रही थी। थोड़ी देर बाद मम्मी बाहर आई। मैं बोली राहुल तुम आ गए, चलो तो मैं खाना।
निकाल कर देती हूँ। आज मुझे स्कूल में प्रिंसिपल ने काफी डांट दिया था, इसलिए मेरा मूड और भी खराब हो गया था। जब मैं खाना खा रहा था तो मम्मी बोली क्या हुआ? राहुल तुम उदास लग रहे हो। मैंने कहा मम्मी आज। प्रिंसिपल ने कहा कि अगर फीस नहीं जमा हुई।
तो एग्ज़ैम में नहीं बैठने दूंगा। मम्मी बोली तुम उसकी चिंता मत करो, कल मैं तुम्हारी फीस का इंतजाम कर दूंगी। उसके बाद मैं अगले दिन स्कूल की फीस ले जाकर जमा कर दी। फिर शाम को मैं स्कूल से घर आया। एक बात मुझे समझ में नहीं आ रही थी।
कि आखिर मम्मी इतने सारे पैसे कहाँ से लाई? उसके बाद में इस बात पर ज्यादा गौर नहीं की। रात को मैं सो रहा था तभी मुझे मम्मी के कमरे से किसी की बात करने की आवाज सुनाई दी। मैंने सोचा इतनी रात को मम्मी किस्से बात कर रही है। फिर मैं धीरे से उठकर मम्मी के कमरे के पास गया।
मैंने कमरे में जाकर देखा तो मम्मी किसी से फ़ोन पर बात कर रही थी। मैं वहीं खड़े होकर मम्मी की बात सुनने लगा। वह किसी से फ़ोन पर कह रही थी की अगर मुझे पैसे ज्यादा मिलेंगे तो मैं दोनों के साथ करूँगी। मम्मी की बातें सुनकर?
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मैं समझ गया था कि वह क्या करने के बारे में बात कर रही है, मैं वहाँ कुछ देर खड़े होकर बातें सुनता रहा हूँ। उसके बाद मैं चुपचाप अपने कमरे में चला आया। अब मुझे सब कुछ अच्छे से समझ आ गया था की मम्मी मेरी फीस जमा करने के लिए।
इतने सारे पैसे कहाँ से लाई थी? मैंने ये कभी नहीं सोचा था कि मेरी मम्मी किसी और के साथ वह सब करेंगी। सुबह उठा रात को मम्मी की बातें सुनकर मैं थोड़ा अपसेट था। मम्मी बोली बेटा आओ नाश्ता कर लो। इतना कहकर वह बाथरूम में चली गई।
उसके बाद मैं बिना कुछ बोले ना धोकर अपने स्कूल चला गया। फिर शाम को जब मैं स्कूल से वापस आ रहा था तो मेरे साथ मेरा दोस्त है। सुनील भी था। हम दोनों एक ही क्लास में पढ़ते है। सुनील बोला, राहुल तुम्हारे पापा के जाने के बाद तुम्हें और तुम्हारी मम्मी को बहुत दिक्कत होती होगी ना?
मैंने कहा कि बात की दिक्कत तो वह बोला भाई सबसे बड़ी दिक्कत तो पैसों की होती है। जब तेरे पापा थे तो वही तेरे घर का खर्चा चलाते थे, अब तेरे घर में पैसे कहाँ से आते होंगे? मैंने कहा हाँ यार वो तो है अभी मेरी मम्मी के पास दो पैसे।
है, उसी से घर चल रहा है। जब वह नहीं रहेंगे तो देखा जाएगा। तभी सुनील बोला, अच्छा मैं चलता हूँ, मेरा घर आ गया।
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